census of india 2011 : भारत की जनगणना 2011

census of india 2011 : भारत की जनगणना 2011

 भारत की जनगणना 2011 के महत्‍वपूर्ण तथ्‍य

भारत की जनगणना 2011 के महत्‍वपूर्ण तथ्‍य


- भारत विश्‍व में चीन के बाद दूसरा सर्वाधिक जनसंख्‍या वाला देश है। 2050 ई० तक भारत की जनसंख्‍या 159 करोड़ हो जाने का अनुमान है।

- भारत में पहली बार जनगणना का कार्य 1872 ई० में सम्‍पन्‍न हुआ लेकिन 1881 ई० की जनगणना को भारत की पहली जनगणना माना जाता है।

- 2011 की जनगणना देश की 15वीं तथा स्‍वतन्‍त्रता के बाद सातवीं जनगणना थी। 2011 की जनगणना का शुभंकर एक प्रगणक शिक्षिका को बनाया गया था।

- 15वीं जनगणना महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्‍त सी० चन्‍द्रमौली के नेतृत्‍व में सम्‍पन्‍न हुआ। 2011 की जनगणना के आकलन हेतु 2200 करोड़ रूपये आवंटित किये गये जो प्रति व्‍यक्ति भारत का 18.33 रू० है।

- 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्‍या 31 मार्च 2011 को 1 अरब 21 करोड़ 93 लाख 422 हजार हो गयी, जिसमें पुरूषों की संख्‍या 62.37 करोड़, महिलाओं की संख्‍या 58.64 करोड़ तथा 6 वर्ष तक के बच्‍चों की संख्‍या 15.88 करोड़ हो गयी है।  

- 11 मई 2000 को भारत के एक अरब वें शिशु का जन्‍म दिल्‍ली के सफदरगंज अस्‍पताल में हुआ।  जिसका नाम आस्‍था रखा गया। विश्‍व के 7 अरब वें शिशु का जन्‍म भी भारत में ही लखनऊ जिले के घनोट गांव में हुआ। जिसका नाम नर्गिस रखा गया।

- भारत की जनसंख्‍या विश्‍व की कुल जनसंख्‍या का 17.5 प्रतिशत है।

- भारत की जनसंख्‍या यू०एस०ए०, इंडोनेशिया, ब्राजील, पाकिस्‍तान, बांग्‍लादेश व जापान की संयुक्‍त जनसंख्‍या 121.43 के लगभग बराबर है।

- 15वीं जनगणना में पहली बार सेक्‍स वर्करों को भिखारी की बजाए एक वर्ग दिया गया था तथा किन्‍नरों को पुरूष व महिलाओं की श्रेणी से अलग अन्‍य श्रेणी में रखा गया।

- भारत की जनसंख्‍या 2001 से 2011 के दौरान 18.1 करोड़ की वृद्धि हुई है।

- भारतीय संविधान की धारा 246 के अनुसार देश की जनगणना कराने का दायित्‍व संघ सरकार को सौंपा गया है जो 7वीं अनुसूची से संबद्ध है।

- जनसंख्‍या के इतिहास में वर्ष1921 को महान विभाजक वर्ष के रूप में जाना जाता है क्‍योंकि 1921 के बाद जन्‍म दर में तीव्र वृद्धि व मृत्‍यु दर में गिरावट का सिलसिला शुरू हो गया।

- वर्ष 2010-2011 के दशक में जनसंख्‍या की दशकीय वृद्धि दर 17.64 प्रतिशत रही है।

सर्वाधिक जनसंख्‍या वाले 5 राज्‍य (घटते क्रम में)

राज्‍य

प्रतिशत

उत्‍तर प्रदेश

19.95

महाराष्‍ट्र

11.23

बिहार

10.38

पश्चिम बंगाल

9.13

आंध्र प्रदेश

7.46


- जनगणना 2011 के अनुसार देश का जनघनत्‍व 382 व्‍यक्ति वर्ग किमी हो गया है। जो 2001 की तुलना में 17 प्रतिशत की वृद्धि है।

- 2001 से 2011 के दौरान जनघनत्‍व में सर्वाधिक वृद्धि बिहार 221 एवं सबसे कम वृद्धि अरूणाचल प्रदेश 3 के रूप में हुई है।

सर्वाधिक एवं न्‍यूनतम जनघनत्‍व वाले राज्‍य

राज्‍य

जनघनत्‍व/वर्ग किमी.

सर्वाधिक

 

बिहार

1102

पश्चिम बंगाल

1029

केरल

859

उत्‍तर प्रदेश

825

हरियाणा

573

 

 

न्‍यूनतम

 

अरूणाचल प्रदेश

17

मिजोरम

52

सिक्किम

86

नागालैंड

119

मणिपुर

122

 

- विश्‍व का सर्वाधिक जनघनत्‍व वाला जिला दिल्‍ली का उत्‍तर पूर्वी जिला है। जहां प्रति वर्ग किमी में रहने वाले लोगों की संया 37346 है, वहीं दूसरा घना जिला चेन्‍नई (तमिलनाडु) 26903 व्‍यक्ति वर्ग किमी है।

- 15वीं जनगणना के अनुसार सर्वाधिक जनसंख्‍या वाले जिले में महाराष्‍ट्र का ठाणे जिला 11054131 व्‍यक्ति के साथ प्रथम स्‍थान पर है वहीं प० बंगाल का उत्‍तरी चौबीय परगणना जिला 10082852 व्‍यक्ति के साथ दूसरे स्‍थान पर है। देश के न्‍यूनतम जनसंख्‍या वाले जिले में अरूणाचल प्रदेश का दिबांग घाटी जिला 7948 व्‍यक्ति के साथ प्रथम स्‍थान पर है, वहीं इसी प्रदेश का अंजाव जिला 21089 व्‍यक्ति के साथ दूसरे स्‍थान पर है।

- लिंगानुपात का निर्धारण प्रति 1000 पुरूषों पर महिलाओं की संख्‍या के द्वारा व्‍यक्‍त किया जाता है।

सर्वाधिक लिंगानुपात वाले शीर्ष 5 राज्‍य

राज्‍य

लिगांनुपात

केरल

1064

तमिलनाडु

995

छत्‍तीसगढ़

991

मणिपुर

987

मेघालय

986

 

- 15वीं जनगणना के अनुसार वर्तमान में लिगांनुपात की दर 940 है, वहीं अव्‍यस्‍क लिंगानुपात की दर 927 (2001) से घटकर 914 (2011) हो गया है।

- 2011 जनगणना के अनुसार देश के सर्वाधिक लिंगानुपात वाला जिला पुदुचेरी के माहे जिला (1176) जहां प्रथम स्‍थान पर है वहीं उत्‍तराखंड का अल्‍मोड़ा जिला 1142 दूसरे स्‍थान पर है।

- 15वीं जनगणना के अनुसार अव्‍यस्‍क लिंगानुपात के मामले में हरियाणा के झज्‍जर एवं महेन्‍द्रगढ़ जिला का लिंगानुपात सबसे कम क्रमश 4 एवं 8 है।

न्‍यूनतम लिंगानुपात वाले पांच राज्‍य/केन्‍द्रशासित प्रदेश (बढ़ते क्रम में)

राज्‍य

लिंगानुपात

हरियाणा

830

पंजाब

846

जम्‍मू-कश्‍मीर

859

दिल्‍ली

866

चंडीगढ़

867

 

- अव्‍यस्‍क लिंगानुपात के मामले में हिमाचल प्रदेश का लाहौल स्‍फीति जिला 1013 प्रथम स्‍थान पर है व अरूणाचल प्रदेश का तंवाग जिला 1005 का स्‍थान दूसरा है।

- साक्षरता की दृष्टि से उस व्‍यक्ति को साक्षर माना जाता है जिसकी आयु 7 वर्ष या उससे अधिक है एवं जो कम से कम भाषा को लिख-पढ़ सकता है।

- 15वीं जनगणना के अनुसार देश की साक्षरता दर पिछले दशक के 64.83 प्रतिशत से बढ़कर 74.09 प्रतिशत हो गया है जो कुल साक्षरता में 9.2 प्रतिशत को दर्शाता है।

- 2011 के जनसंख्‍या आंकड़ों के अनुसार देश के 11 ऐसे राज्‍य हैं जिनकी साक्षरता दर राष्‍ट्रीय औसत से कम है वे हैं- बिहार, अरूणाचल प्रदेश, राजस्‍थान, झारखंड, आंध्र प्रदेश, जम्‍मू-कश्‍मीर, उत्‍तर प्रदेश, मध्‍य प्रदेश व छत्‍तीसगढ़।

अधिकतम साक्षरता दर वाले राज्‍य/केन्‍द्रशासित प्रदेश (बढ़ते क्रम में)

राज्‍य

साक्षरता दर (प्रतिशत में)

केन्‍द्रशासित प्रदेश

साक्षरता दर (प्रतिशत में)

केरल

93.91

लक्षद्वीप

92.28

मिजोरम

91.58

दमन एवं द्वीप

87.07

त्रिपुरा

87.58

पुदूचेरी

86.55

गोवा

87.40

चण्‍डीगढ़

86.43

 

- देश के सर्वाधिक साक्षर जिलों में पहला व दूसरा स्‍थान क्रमश: मिजोरम के सेरछिप (98.95 प्रतिशत) एवं आइजोल 98.50 प्रतिशत जिला को प्राप्‍त है।

- 15वीं जनगणना के आंकड़ों के अनुसार पुरूष साक्षरता दर की अपेक्षा महिला साक्षरता दर में अधिक वृद्धि दर्ज की गयी है।

- 2001 में महिला साक्षरता दर जहां 53.67 प्रतिशत थी, वहीं 2011 में बढ़कर 65.46 प्रतिशत हो गयी है जो 11.79 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है, वहीं इसी अवधि में पुरूष साक्षरता दर 75.26 से बढ़कर 82.14 प्रतिशत हो गयी जो महिलाओं के मुकाबले मामूली वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत को दर्शाती है।

- 15वीं जनगणना आंकड़ो के अनुसार विगत दशक की अपेक्षा 2011 में कुल प्रजनन दर में 19 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी है। जिसमें सर्वाधिक गिरावट पंजाब 28 प्रतिशत व न्‍यूनतम गिरावट केरल 5.6 प्रतिशत दर्ज की गयी है।

- राष्‍ट्रीय जनसंख्‍या आयोग का गठन 11 मई 2011 को किया गया। राष्‍ट्रीय जनसंख्‍या आयोग के अध्‍यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं व इसके उपाध्‍यक्ष योजना आयोग (नीति आयोग) के उपाध्‍यक्ष होते हैं।

- राष्‍ट्रीय जनसंख्‍या परिषद की स्‍थापना वर्ष 1969 ई० में की गयी थी।

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