health benefits of honey for children

health benefits of honey for children

 किस उम्र में दे बच्‍चों को शहद और किन बातों का रखें ख्‍याल

कई बार बच्‍चे के जन्‍म के तुरंत बाद पैरेंटस या रिस्‍तेदार उसे शहद चटा देते हैं, जबकि यह पूरी तरह से गलत है। चाइल्‍ड केयर एक्‍सपर्ट बताते हैं कि एक साल से कम उम्र के बच्‍चों को कभी भी शहद नहीं देना चाहिए। एक वर्ष के बाद ही बच्‍चे के लिए शहद सुरक्षित माना गया है।

health benefits of honey


अपने बच्‍चे को विभिन्‍न प्रकार के नए खाद्ध पदार्थों और उनके टेस्‍ट से परिचित कराना पहले वर्ष के सबसे रोमांचक भागों में से एक है। शहद मीठा और हल्‍का होता है। इसलिए माता-पिता अक्‍सर इसे बच्‍चे को देने में जल्‍दी करते हैं या अन्‍य वस्‍तुओं को मीठा करने के प्राकृतिक तरीके के रूप में एक अच्‍छा विकल्‍प मान सकते हैं। इस बात में कोई दो राय नहीं है कि शहद सेहत के लिए स्‍वास्‍थ्‍यवर्धक होता है। लेकिन जब बात बच्‍चों की हो तो उन्‍हें शहद देते समय आपको कुछ खास बातों का ध्‍यान अवश्‍यक रखना चाहिए। तो चलिए जानते हैं बच्‍चों को शहद देने के फायदों व कब दे शहद-:


कई बार बच्‍चे के जन्‍म के तुरंत बाद पैरेंटस या रिश्‍तेदार उसे शहद चटा देते हैं, जबकि यह पूरी तरह से गलत है। चाइल्‍ड केयर एक्‍सपर्ट बताते हैं कि एक साल से कम उम्र के बच्‍चों को कभी भी शहद नहीं दिया जाना चाहिए। एक वर्ष के बाद ही बच्‍चे के लिए शहद सुरक्षित माना गया है।


हैल्‍थ एक्‍सपर्ट के अनुसार, अगर एक वर्ष से कम उम्र का बच्‍चा शहद का सेवन करता है तो उसे शिशु बोटुलिज्‍म नामक एक गंभीर बीमारी होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। शिशु बोटुलिज्‍म तब होता है जब एक बच्‍चा क्‍लोस्‍ट्रीडियम बोटुलिनम नामक जीवाणु से बीजाणुओं को निगला करता है। यह वैक्‍टीरिया बच्‍चे के पाचन तंत्र के अंदर एक विष पैदा करता है, जिसे शरीर में अवशोषित किया जा सकता है और बच्‍चे की मांसपेशियों पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। कई दुर्लभ मामलों में, श्‍वास की मांसपेशियां तक लकवाग्रस्‍त हो सकती हैं।

शिशु बोटुलिज्‍म के लक्ष्‍णों में कब्‍ज, दूध पीने में सुस्‍ती या कमजोर तरीके से चूसने, कमजोर रोना, घटी हुई हलचल, निगलने में परेशानी या अत्‍यधिक लार टपकना, मांसपेशियों में कमजोरी और सांस लेने में तकलीफ आदि शामिल हैं।

अगर बात करने एक साल के बाद की, अगर बच्‍चा 12 महीने की आयु के बाद शहद का सेवन करता है तो उसे कुछ लाभ प्राप्‍त हो सकते हैं जैसे-

यह कफ सप्रेसेंट के रूप में काम कर सकता है, लेकिन 12 महीने से कम उम्र के बच्‍चों में इसका इस्‍तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

यह घाव भरने में मदद कर सकता है जब इसे शीर्ष पर लगाया जाता है। फिर से इस विधि का उपयोग 12 महीने से कम उम्र के बच्‍चे में नहीं किया जाना चाहिए।

यदि आप शहद के पोषण संबंधी लाभ प्राप्‍त करना चाहते हैं तो उन वैरायटीज का इस्‍तेमाल करें जो प्रोसेस्‍ड न हो।

बच्‍चों को इसे देते समय इसकी मात्रा पर भी पूरा ध्‍यान रखें। बच्‍चे को एक दम से अधिक शहद न दें। इसके अलावा अपने लेबल को ध्‍यान से पढ़े, क्‍योंकि कुछ नियमित किस्‍मों में अतिरिक्‍त शर्करा और अन्‍य सामग्री हो सकती है।

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