Benefit of eating curd

Benefit of eating curd

 दही खाने के फायदे एवं नुकसान

Benefit of eating curd


90% से भी ज्‍यादा लोग दही को गलत ढंग से खाते हैं। जिसकी वजह से इसके बेशुमार फायदे लेने की वजाय वह पिंपल्‍स, हेयर फॉल, कॉन्स्टिपेशन, गैस, एसिडिटी, कफ, साइनस और बुखार जैसी बीमारियों को न्‍योता दे बैठते हैं।

दही में अच्‍छे बैक्‍टीरिया होते हैं जो डाइजेशन में हेल्‍प करते हैं, फिर भी रोजाना दही खाने से लोगों का डाइजेशन सिस्‍टम ठीक नहीं होता। इसलिए उन्‍हें कोई न कोई दवाई खानी पड़ती है। अपने पाचन तंत्र को सही रखने के लिए दही एक एनिमल प्रोटीन है और इसमें जिंदा वैक्‍टीरिया (Probiotics) होते हैं। इसीलिए खास ध्‍यान रखना चाहिए जब भी आप दही खा रहे हैं।

आर्युवेद की किताब अष्‍टांग ह्रदयम में दही का सेवन सही तरीके से करने के बारे में बताया गया है। और लोग इसके बारे में बहुत कम जानते हैं। तो आइये जानते हैं हमने कब, कैसे और कौन-सी दही खानी है ताकि आपको इसका ज्‍यादा से ज्‍यादा फायदा मिल सके।

दही के अन्‍दर किन चीजों को न मिलाए

कभी भी दही में नमक या चीनी मिलाकर कभी ना खांए इसका मतलब यह नहीं है कि आपने नमकीन दही या मीठी दही नहीं खानी बल्कि दही के अन्‍दर सफेद नमक और सफेद चीनी नहीं डालनी, क्‍योंकि इन दोनों में केमिकल को रिफाइंड किया जाता है। जिसके कारण यह प्रोबायोटिक बैक्‍टीरिया को खत्‍म कर देते हैं।

अगर आप सफेद नमक या सफेद चीनी डालकर दही को खाते हैं तो आपको दही खाने का कोई भी फायदा नहीं मिलेगा। यह सिर्फ पेट भरने का ही काम करेगा, लेकिन हमारे शरीर को कोई फायदा नहीं मिलेगा।

इनकी जगह किसी और चीज को मिक्‍स करें

आप सफेद नमक की जगह सेंधा नमक या काला नमक का प्रयोग कर सकते हैं और सफेद चीनी की जगह पर आप गुड़ या मिश्री का प्रयोग करें। ऐसा करने से दही का टेस्‍ट भी बढ़ जायेगा और दही के पोषक तत्‍व भी कम नहीं होंगे।

किस दही का सेवन करें

1- वैसे तो यह दोनों ही दही हमारे शरीर के लिए अच्‍छी हैं, लेकिन इन्‍हें अलग-अलग बीमारियों में अलग-अलग तरीके से खाया जाता है।

2- अगर आपके अंदर बहुत ज्‍यादा एसिडिटी बनती है, शरीर में गर्मी ज्‍यादा रहती है, बाल ज्‍यादा झड़ते हैं तो आपने यहां पर मीठी दही का इस्‍तेमाल करना है।

3- अगर आपके अंदर गैस बहुत ज्‍यादा बन रही है, शरीर में दर्द रहता है तो आपको नमकीन दही का सेवन करना है।

क्‍या दही का सेवन रात को करना चाहिए

वाग्‍भट ऋषि के अनुसार दही को कभी भी सूर्यास्‍त के बाद नहीं खाना चाहिए। आर्युवेद में बताया गया है कि जब सूर्यास्‍त हो जाता है तब शरीर का टेंपरेचर नेचुरल कम हो जाता है। कफ बढ़ने लगती है। दही कफ वर्धक है तो रात में दही खाने से यह नाडि़यों की ब्‍लॉकेज को बढ़ा देती है। सर्दी-जुखाम, साइनस, बुखार, कब्‍ज और ब्‍लॉकेज के लक्ष्‍ण दिखाई देने लगते हैं।

किन चीजों के साथ दही का सेवन न करें

दही में जीवित बैक्‍टीरिया होते हैं तो ऐसे फूड को खाते समय ध्‍यान देना चाहिए। अगर हमने इसे गलत चीज के साथ खा लिया तो यह शरीर में टॉक्सिन बनाने में समय नहीं लगाएगा। दो चीजों के साथ आपने दही का सेवन नहीं करना।

खीरे व बूंदी का रायता मिक्‍स न करें

खीरे का रायता नहीं खाना और बूंदी का रायता नहीं खाना। खीरा और दही एक विरूद्ध आहार है। इन्‍हें एक साथ खाने से शरीर के अंदर आम बनने लगता है। जिससे स्किन की समस्‍या और एसिडिटी की समस्‍या हो जाती है।

आप खीरे की जगह लोकी (घिये) का रायता खा सकते हैं। बूंदी को डी फ्राई किया जाता है। इसलिए इसे खाने से शरीर के अंदर चर्बी बढ़ती है।

दही और दूध को मिक्‍स न करें

दही और दूध को कभी भी मिक्‍स करके नहीं खाना चाहिए। कभी-कभी महिलाएं दही को बढ़ाने के लिए या फिर जब बच्‍चों को दही देती है या फिर दही जब खटटी होती है तो इसमें दूध मिक्‍स कर देती हैं। आजकल की रेसिपीज में भी दही और दूध को मिक्‍स करके बनाया जाता है। ऐसा अगर आप खाते हैं तो फायदे तो दूर की बात बहुत सारी बीमारियां हमारे शरीर में आ जाती है। क्‍योंकि दही और दूध दोनों विरूद्ध आहार हैं।

कुछ अन्‍य चीजें जिन्‍हें दही के साथ मिक्‍स करके नहीं खाना चाहिए

कुछ विरूद्ध आहार हैं जो दही के साथ नहीं खाए जाते जैसे कि दही के साथ मछली, बैंगन, अंडा, केला आदि इन चीजों का भी सेवन नहीं किया जाता है।

दही को गर्म करके नहीं खाना चाहिए

1- आजकल लोग दही को सब्ज्यिों के अंदर पका कर खाते हैं या‍ फिर दही को गर्म करके खाते हैं। दही को कभी भी गर्म नहीं करना चाहिए। क्‍योंकि इसके अच्‍छे  बैक्‍टीरिया और गुण खत्‍म हो जाते हैं। इसकी तासीर भी गर्म हो जाती है। जिसके कारण यह हमारे अंदर मुश्किल से पचती है।

2- गरम दही खाने से एलर्जी की समस्‍या भी हो जाती है। इसके अलावा मार्केट में मिलने वाली दही की बजाय घर की दही खानी चाहिए और दही के अंदर शहर, गुड़ या फिर मिश्री मिक्‍स करके खाएं। यह आपके पाचन तत्रं को मजबूत करती है।

क्‍या दही को रोजाना खाना चाहिए

दही को कभी भी 12 महीने लगाता नहीं खाना चाहिए। इसे आपको सीजनल फूड की तरह खाना चाहिए। जब बारिश का मौसम हो तब दही का सेवन न करें। क्‍योंकि बारिश के अंदर तीनों दोष, वात, पित्‍त, कफ बढ़ जाते हैं और वातावरण में भी नमी होती है। हमारा डाइजेशन भी मंद पड़ चुका होता है तो बारिश में दही खाने से शरीर में टॉक्सिंस बढ़ते हैं जिससे एलर्जी की समस्‍या हो जाती है।

दही का सेवन कैसे करें

1- दही को सर्दियों के दिनों में खाना अच्‍छा है और बारिश के समय खाना गलत है।

2- यह गर्मियों के दिनों में खाना अच्‍छा है।

3- दही का सेवन आप सूर्यास्‍त से पहले करें।

कब्‍ज की समस्‍या में दही का सेवन कब करें

अगर आपको कब्‍ज की समस्‍या है तो दही का सेवन आप ब्रेकफास्‍ट से पहले करें। इसके अंदर मिश्री, गुड़ या शहद मिक्‍स करके खाए।

शरीर को स्‍ट्रैंथ देने के लिए दही का सेवन कब करें

अगर आप दही को न्‍यूट्रिशन और शरीर को स्‍ट्रैंथ देने के लिए दही का सेवन करना चाहते हैं तो आप दही का सेवन ब्रेकफास्‍ट या लंच के साथ खा सकते हैं।

कौन-सी दही का सेवन करें

1- मिटटी के बर्तन में जमी दही का सेवन करें। जमाकर फ्रिज में रखी गयी दही का सेवन न करें।

2- ताजी दही का सेवन करें।

3- गाय के दूध की दही का सेवन करें।

किन लोगों के लिए है दही खाना फायदेमंद और नुकसान

दही से वात दोष कम होता है, लेकिन कफ दोष बढ़ता है। साइनस, अस्‍थमा और स्किन प्रॉब्‍लम में दही को सावधानी से खाएं। दही को जोड़ों के दर्द में भी नहीं खाया जाता। अगर आप खाना चाहते हैं तो दही के अंदर ¼ चम्‍मच सोंठ का पाउडर मिक्‍स करके खाएं।

कैल्शियम से भरपूर होती है दही इसमें फास्‍फोरस, प्रोबायोटिक, एमिनो एसिड होते हैं और बलवर्धक होने का कारण दही सुपर फूड है।

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