How to make strong bones

How to make strong bones

हडिडयों से आती है कट-कट की आवाज, जोड़ों में ग्रीस की कमी व दर्द, कैल्शियम की कमी में 3 चीजें खाना शुरू करें

How to make strong bones


अगर आप की हडिडयों से कट-कट की आवाज आती है, जोड़ों में दर्द, घुटनों में दर्द हमेशा बना रहता है, तो यह तीन चीजें आज से ही खाना शुरू कर दें। अक्‍सर आपने महसूस किया होगा कि उठते-बैठते समय या फिर सीढि़यां चढ़ते उतरते समय घुटनों में बहुत ज्‍यादा तेज दर्द होता है। इसके अलावा रात को सोते समय भी ज्‍वाइंट पेन होता है जिस वजह से हम अच्‍छे से सो नहीं पाते हैं।

साथ ही कई लोगों के तो शरीर के अलग-अलग हिस्‍सों में जैसे पीठ में कमर में हमेशा दर्द बना रहता है और इन सब की वजह होती है, शरीर में जरूरी मिनरल्‍स की कमी, जिसमें बहुत मुख्‍य होता है शरीर में कैल्शियम की कमी। क्‍योंकि कैल्श्यिम ही है जो हडिड़यों को मजबूत बनाता है और जब इसकी कमी होने लगती है तो हडिडयां कमजोर होने लगती हैं। यह जो कट-कट की आवाज आती है इससे आपको घबराने की कोई जरूरत नहीं है, इसके लिए भी हम डाइट जानेगें उस का भी आप फोलो की जरूर कीजिएगा। जानते हैं आपको करना क्‍या है?

एक रेमिडी हम जानते हैं जिसका उपयोग आपको रेगुलर करना है। इस उपाय को बनाने के लिए सबसे पहले जो चीज आपको चाहिए वह है काले चने। काले चने में कैल्शियम की अच्‍छी मात्रा होती है। जो हडिडयोंको मजबूत बनाती है साथ ही चने खाने से शरीर को भरपूर ताकत मिलती है। इसमें भरपूर मात्रा में भाईबर होता है जो डाइजेशन को इंप्रूव करता है। डायबीटीज के पेशेंट अगर काले चने खाते हैं तो उन्‍हें बहुत फायदा होता है। इससे शुगर बढ़ता नहीं और कंट्रोल में रहता है। इसके अलावा यह शरीर में हीमोग्‍लोबिन लेवल को भी बढ़ाता है, तो सबसे पहले एक मुटठी काले चने को पानी में भिगों लें। साथ ही इसमें 15 से 20 दाने मूंगफली के डाल दें। मूंगफली शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक होती है। यह प्रोटीन का खजाना है, इसमें कैल्शियम और प्रोटीन बहुत ही अच्‍छी मात्रा में पाया जाता है। यह पाचन को बढ़ाता है। कब्‍ज की समस्‍या इसके इस्‍तेमाल से नहीं होती है। कोलेस्‍ट्रॉल को कंट्रोल करता है और इससे शुगर भी बैलेंस में रहता है। हार्ट के लिए अच्‍छा होता है। किडनी के लिए अच्‍छा होता है। आप के लिवर के लिए अच्‍छा होता है। आपकी आंखों की रोशनी तेज होगी इसे खाने से और सबसे अच्‍छी बात है कि मूंगफली में ऑयल कंटेंट होता है और ऑयल कंटेंट घुटनों में लुब्रीकेन्‍ट की कमी, ग्रीस की कमी हो जाती है उसे पूरा करने में मदद करता है।

अगली चीज आपको लेनी है मेथी दाना

ये भी जोड़ों के दर्द, पीठ के दर्द, कमर दर्द, गठिया अर्थराइटिस से आराम दिलाने में बहुत मदद करता है। शरीर में वात को भी संतुलित करती है मेंथी। वात के बढ़ने की वजह से ही हमें जोड़ों में दर्द, घुटनें मे दर्द, अर्थाइटिस, गठिया की समस्‍या होती है तो वात को कंट्रोल करना बहुत जरूरी है और वात को संतुलित करने में यह मेथी दाना आप की मदद करेगें। तो यहां पर आपको आधा चम्‍मच की मात्रा में मेथी दाना लेना है। आपको आखिरी चीज जो लेनी है वह है किशमिश -

तो यहां पर 8 से 10 दाने किशमि‍श के लेने हैं। किशमिश में आयरन-कैलशियम-मैग्रिशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा इसमें कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है जो आपको इंस्‍टेंट एनर्जी देता है। किशमिश खाने से शरीर में हीमोग्‍लोबिन की कभी भी कमी नहीं होती है, खून की कमी कभी नहीं होती। अगर आप रेगुलर किशमिश खाते हैं तो आपको कभी भी थकान की कमी नहीं होगी हमेशा एनर्जी जैसा महसूस करेगें।

तो अब आपको करना क्‍या है यहां हमने एक मुटठी काले चने लिए हैं, 15 से 20 दाने मूंगफली के लिए हैं एवं 8 से 10 दाने कैलिशियम के लिए हैं और आधा चम्‍मच मेथी दाना लेना है। इन सब चीजों को अच्‍छे से धो कर एक गिलास पानी में भीगोकर रख देना है और रात भर के लिए छोड़ देना है। इसका सेवन आपको सुबह को करना है। आपको इसे छानकर पानी को अलग कर लेना है और सुबह-सुबह जब भी आप उठें तो सबसे पहले आपका काम होना चाहिए बिना कुल्‍ला किए बिना ब्रश किए इस पानी को पीने का आपको इस पानी को सिप सिप करके पीना है। यह आपके लिए बहुत गुणकारी हो चुका है क्‍योंकि इसमें इन सारी चीजों का अर्क आ चुका है। इनकी गुडनेस आ चुकी है। इस पानी को पीने के बाद आप फ्रेश हो जाइये और फिर ब्रश करने के बाद इन भीगी हुई चीजोंको अच्‍छी तरह से चबा-चबा कर खा लीजिए। इससे शरीर को भरपूर मात्रा में कैल्शियम मिलेगा। शरीर में होने वाली हडिडयों की कमजोरी दूर होगी आपका शरीर डिटॉक्‍स हो जाएगा। बालों की समस्‍या दूर होगी। बालों की जड़े मजबूत हो जायेगी। हेयर फॉल की समस्‍या धीरे-धीरे खत्‍म होने लगेगी। साथ ही आपका लिवर किडनी हार्ट हेल्‍दी हा जाएगा। शरीर में अगर कोलेस्‍ट्रॉल बढ़ा हुआ है तो इससे आप रेमेडीको फॉलो करते हैं तो वह भी कंट्रोल हो जायेगा। अगर आप पूरे दिन आलस-थकान महसूस करते हैं तो इस रेमेडी को लेने से आपको कभी भी आलस्‍य नहीं होगा। पूरे दिन एनर्जेटिक फील करेगें। आप इस रेमेडी का सेवन चाहे तो राजाना कर सकते हैं । अगर आप रोजाना नहीं फोलो कर सकते हैं तो सप्‍ताह में 3 दिन जरूर करें। आपको कुछ दिनों के प्रयोग से ही फर्क महसूस होने लगेगा।

दूसरी रेमेडी के लिए आपको लेने हैं तिल-

तिल के अंदर अच्‍छी मात्रा में कैल्शियम आयरन मैग्रेशियम जिंक और सेलेनियम हाते हैं। साथ ही तिल में डाइट्री फाइबर प्रोटीन और अमीनो एसिड होता है जो हडिडयों को मजबूत कर जोड़ों के दर्द को कम करने के साथ हार्ट और मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। तिल वात को भी संतुलित करती है। ये वात को कंट्रोल करने के साथ-साथ आपके पूरे शरीर को हेल्‍दी बनाए रखती है। तो आपको एक छोटी कटोरी तिल की लेनी है और इसे लो फलेम पर हल्‍का सा रोस्‍ट कर लें ताकि‍ इसके अंदर नमी न रहे। इसको तब तक भुनना है जब तक इसमें से चटचट की आवाज न आने लगे। भुनने के बाद इसका स्‍वाद काफी अच्‍छा हो जाता है। भुनने के बाद इसे कुछ देर के लिए ठंडा होने दें और फिर मिक्‍सी में डालकर इसका स्‍मूथ सा पाउडर तैयार कर लें।

अब इस तैयार पाउडर का एक चम्‍मच गुनगुने दूध में मिलाकर रात को सोने से पहले पी लेना है या फिर आप इसका सेवन शाम को 4 बजे से 5 बजे के बीच भी कर सकते हैं, जब आप चना गुड़ खा लेगें उसके बाद इस दूध को पी लें। ऐसा करने से शरीर में कैलशियम की कमी दूर होगी। हडिडयों का दर्द कम हो जायेगा। उठते-बैठते हुए जो कट-कट की आवाज हडिड़यों से आती है वह भी सही हो जायेगी। साथ ही यह स्किन के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसकी मदद से स्किन को जरूरी न्‍यूट्रशिन मिलता है। यह स्किन को ड्राई नहीं होने देता हमेशा नमी बनाए रखेगा। जिससे पिपंल्‍स भी जल्‍दी नहीं आते हैं। बचे हुए पाउडर को आप किसी एयरटाइट कंटेनर में डालकर रख सकते हैं और जरूरत के हिसाब से इसका प्रयोग करें।

तीसरी चींज जो हम जानेगें आपको उसका सेवन शाम के समय चार बजे से पांच बजे के बाद करना है।

दोपहर के खाने के 2 घंटे के बाद आप इसका सेवन कीजिए, जब आपको भूख लगे तो आपको यहां पर खाने हैं भुने हुए चने और गुड़। आप एक कटोरी चने ले लीजिए और एक टुकड़ा गुड़ ले लीजिए अगर आप इसे खायेगें तो आपके शरीर को भरपूर ताकत मिलेगी। हडिडयों की सारी तकलीफ दूर हो जायेगी। भुने हुए चने और गुड़ दोनों ही चीजें कैल्शियम का खजाना हैं। हडिडयों को मजबूत करने के साथ इसमें आंखोंकी रोशनी तेज होगी। मेमोरी पावर स्‍ट्रोंग होगी। शरीर में खून की कमी दूर होगी। बालों का झड़ना बंद हो जायेगा। साथ ही ये आपकी डाइजेशनको भी इंप्रूव करता है। इसे खानेसे आपको कभी भी कब्‍ज की समस्‍या नहीं होगी। आपका डाइजेशन बहुत ही अच्‍छा हो जायेगा। इसी लिए कहा जाता है कि खाने के बाद छोटी सी गुड़ की डली खाली जाय तो खाना भी अच्‍छे स डाइजेस्‍ट होता है। और गुड़ क सारे पौष्टिक तत्‍व भी मिल जाते हैं। गुड़ एक ऐसा पदार्थ है जिसका खुद पाचन अच्‍छे से होता है और वह खाए हुए खाने का पाचन भी करने में यह मदद करता है। गुड़ और चना इस तरह से खायेगें तो आपको कभी भी आलस महसूस नहीं होगा। आपका शरीर हमेशा एक्टिव रहेगा। आपको थकान, आलस्‍य, कमजोरी महसूस ही नहीं होगी। आप याद कीजिए कि आखिरी बार आपने कब चना और गुड़ खाया था। पहले जमाने के लोग जब भूख लगती थी तो मूंगफली खाते थे, चना और गुड़ खाते थे। इसलिए उनकी हडि़डयां लंब समय तक स्‍वस्‍थ रहती थी और 70-80 साल के होने के बाद भी उनके जोड़ों में दर्द की समस्‍या कभी भी नहीं होती थी। तो आपको भी इस तरह से चने और गुड़ का सेवन करना है।

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