what is computer

what is computer

कम्‍प्‍यूटर क्‍या है? What is Computer?

कम्‍प्‍यूटर शब्‍द का उदगम लैटिन भाषा के शब्‍द Computare से हुआ है जिसका अर्थ है गणना करना। कम्‍प्‍यूटर एक इलेक्‍ट्रॉनिक डिवाइस है, जो डेटा तथा निर्देशोंको सूचना के रूप में ग्रहण करती है। सीपीयू उस पर कार्य करता है तथा आउटपुट उपकरणों द्वारा हमें आउटपुट प्राप्‍त होता है। अंत में परिणामों को संग्रहित कर लिया जाता है।

What is Computer?


कम्‍प्‍यूटर के व्‍यापक प्रयोग होने के कारण इसे निम्‍न शब्‍दों में विभाजित किया गया है।

C-      Commonly

O-      Operated

M-     Machine

P-      Particularly

U-      Used For

T-      Technical

E-      Education

R-      Research

प्रत्‍येक कम्‍प्‍यूटर को मुख्‍यत: चार भागों में बाटा जाता है।

1. इनपुट यूनिट

2. आउटपुट यूनिट

3. सीपीयू

4. मेमोरी

आकार पर आधारित कम्‍प्‍यूटर

मेन फ्रेम कम्‍प्‍यूटर

mainframe computer


इनकी कार्यक्षमता अत्‍यधिक तेज होती है। आकार में ये अधिक बड़े होते हैं। इनका प्रयोग सर्वर केक रूप में किया जाता है। ये केन्‍द्रीय कम्‍प्‍यूटर की तरह कार्य करता है। अत: किसी बैंक या अन्‍य कंपनी द्वारा इसका प्रयोग किया जाता है। उदाहरण- UNIVAC 1110, IBM 39

मिनी कम्‍प्‍यूटर

mini computer


यू माइक्रो कम्‍प्‍यूटर से बड़े परन्‍तु मेन फ्रेम कम्‍प्‍यूटर से छोटे होते हैं। इसमें एक से अधिक माइक्रोप्रोसेसर का प्रयोग किया जाता है। यह उपकरणों का साझा प्रयोग कर सकता है। छोटी कंपनी या संस्‍थाओं में इसका प्रयोग किया जाता है। जैसे- HP-9000, RISC-6000

माइक्रो कम्‍प्‍यूटर

micro computer


ये कम्‍प्‍यूटर काफी छोटे व पोर्टेबल होते हैं। इनकी गति भी तेज होती है। सन 1970 में माइक्रोप्रोसेसर का विकास होने के कारण ये कम्‍प्‍यूटर बनना शुरू हुए। इनमें लैपटॉप, पामटॉप, अैबलेट आदि शामिल हैं।

सुपर कम्‍प्‍यूटर

super computer


ये कम्‍प्‍यूटर सर्वाधिक तेज गति के होते हैं। इसका आकार भी काफी बड़ा होता है। इनका प्रयोग मौसम भविष्‍यवाणी, अंतरिक्ष यात्रा आदि के लिए किया जाता है। वैज्ञानिकों द्वारा शोध के लिए इन्‍हीं का प्रयोग किया जाता है। जैसे- Summit, T3A

प्रयोग के आधार पर वर्गीकरण

एनालॉग कम्‍पयूटर

भौतिक मात्राओं के मापन के लिए तथा परिणामों को जानने के लिए मशीनी उपकरण व उसका भौतिक भाग प्रयोग में लाया जाता है जैसे- गाडी के स्‍पीडोमीटर की सुई स्‍पीड बताती है।

डिजिटल कम्‍प्‍यूटर

परिणामों को जानने के लिए डिजिटल उपकरण या उसका डिजिटल भाग प्रयोग में लाया जाए। जैसे डिजीटल स्‍पीडोमीटर में स्‍क्रीन स्‍पीड को दर्शाती है।

कम्‍प्‍यूटर का वर्गीकरण

हार्डवेयर उपयोग पर आधारित

पहली पीढ़ी

दूसरी पीढ़ी

तीसरी पीढ़

चौथी पीढ़ी

पांचवी पीढ़ी

आकार व कार्य आधारित

मेन फ्रेम कम्‍प्‍यूटर

मिनी कम्‍प्‍यूटर

माइक्रो कम्‍प्‍यूटर

सुपर कम्‍प्‍यूटर

उददेश्‍य आधारित

सामान्‍य उददेशीय कम्‍प्‍यूटर

विशिष्‍ट उददेशयी कम्‍प्‍यूटर

कार्य पद्धिति के आधार पर

एनालॉग

डिजिटल

हाइब्रिड

पहली पीढ़ी (1946-1956)

इस पीढ़ी में Vaccume Tube टेक्‍नोलॉजी का प्रयोग किया गया। सिर्फ मशीनी भाषा को संचालित करते थे। ये कम्‍प्‍यूटर ज्‍यादा विश्‍वसनीय नहीं थे। इस पीढ़ी के कम्‍प्‍यूटर बहुत मंहगे होते थे। ये कम्‍प्‍यूटर बहुत ज्‍यादा ऊष्‍मा उत्‍सर्जित करते थे जिसके कारण एसी की आवश्‍यकता पड़ती थी।

बिजली की खपथ बहुत अधिक होती थी। इन कम्‍प्‍यूटर का आकार इतना बड़ा था कि एक कमरे में एक ही कम्‍प्‍यूटर ही लगाया जाता था। मेमोरी के रूप में पंचकार्ड का प्रयोग किया जाता था। सन 1952 ई० में डा० ग्रेस हॉपर द्वारा मशीनी भाषा का आविष्‍कार किया गया जिसके कारण कम्‍प्‍यूटर प्रोग्राम लिखना थोडा सा आसान हो गया। जैसे ENIAC, UNIVAC, मार्क-1 IBM बैच ओपरेटिंग सिस्‍टम का प्रयोग हुआ।

दूसरी पीढ़ी (1956-1964)

इस पीढ़ी में वैक्‍यूम टयूब के स्‍थान पर छोटे ट्रांजिस्‍टर का प्रयोग होने लगा। इन कम्‍प्‍यूटर का आकार छोटा था तथा पहले की अपेक्षा तेजी से कार्य करते थे। इन कम्‍प्‍यूटरों में मशीन में एसेम्‍बली भाषा का प्रयोग काफी अधिक हुआ। इनमें उच्‍च स्‍तर की भाषाएं भी प्रयोग की जाने लगी। जैसे - COBOL

पंचकार्ड की जगह चुम्‍बकीय डिस्‍क का प्रयोग होने लगा। जैसे- IBM-1620 UNIVAC-1108

तीसरी पीढ़ी (1964-1971)

ट्रांजिस्‍टर के स्‍थान पर आई०सी० (इन्‍टीग्रेटेड सर्किट) का प्रयोग किया गया। एक आईसी पर कई सारे रजिस्‍टर कपैस्‍टर व ट्रांजिस्‍टर होते हैं। आकार छोटा था व कम बिजली खपथ करते थे। इन कम्‍प्‍यूटर का प्रयोग डेटाबेस मैनेजमेंट, ऑनलाइन सिस्‍टम आदि में किया जाता था।

चौथी पीढ़ी(1971-आजतक)

इनमें LSI (large Scale Integration) VLSI (Very Large Scale Integration) का प्रयोग हुआ। माइक्रो प्रोसेसर का विकास ई० हॉफ ने किया जिसमें पर्सनल कम्‍प्‍यूटर विकसित हुआ। चुंबकीय डिस्‍क के साथ-साथ सेमीकंडक्‍टर मेमोरी का प्रयोग हुआ। इंटरनेट का विकास तेजी से हुआ। सस्‍ते व कम खपत वाले कम्‍प्‍यूटर का निर्माण  हुआ। विश्‍वसनीयता कई गुण बढ़ गयी। एक VLSI पर हजारों ट्राजिस्‍टर, कैपिस्‍टर, रजिस्‍टर होते हैं। सी भाषा का विकास हुआ।

पांचवी पीढ़ी (कुछ साल पहले से- आगे तक)

ULSI का प्रयोग होने लगा। ULSI- Ultra Large Scale Integration. एक ULSI पर करोड़ों इलेक्‍ट्रॉनिक उपकरण लगाए जा सकते हैं। पोर्टेबल पीसी व टैबलेट का सर्वाधिक विकास हुआ। Artificial intelligence Parallel Processing जैसी नई तकनीकें प्रयोग की गयी।

कम्‍प्‍यूटर पर आधारित कुछ महत्‍वपूर्ण तथ्‍य

- चार्ल्‍स वेबेज को कम्‍पयूटर का जनक कहा जाता है।

- जोड़ने व घटाने के लिए उपयुक्‍त प्रथम तकनीक अवेकस थी (आविष्‍कारक-ली काई चेन)

- चार्ल्‍स वेबेज द्वारा प्रथम निर्मित मशीन- डिफरेंस इंजन

- एनालिटिकल इंजनका निर्माण भी चार्ल्‍स बेवेज ने किया।

- एनालि‍टिकल इंजन के निर्माण के कारण ही चार्ल्‍स वेवेज को कम्‍प्‍यूटर का पिता कहा जाता है।

- विश्‍व कम्‍प्‍यूटर साक्षरता दिवस 2 दिसम्‍बर को बनाया जाता है।

- भारत में पहला निर्मित कम्‍प्‍यूटर सिद्धार्थ था।

- भारत का पहला सुपर कम्‍प्‍यूटर परम 1991 है।

- कम्‍प्‍यूटर क्षेत्र में महान क्रान्ति 1960 में आई।

- भारत में कम्‍प्‍यूटर की नीति घोषणा नवंबर 1984 में हुई।

- भारतीय प्रथम सुपर कम्‍प्‍यूटर के मुख्‍य निर्माता डा० विजय भटकड़ हैं।

- भारत की सिलिकोन घाटी बैंगलुरू में है।

- विश्‍व की सिलिकोन घाटी कैलिफॉर्निया यूएसए है।

- अनुपम का निर्माण भाभा कंपनी ने किया।

- भारत का प्रथम कम्‍प्‍यूटीक्रत डाकघर दिल्‍ली में है।

- पेस का निर्माण DRDO ने किया।

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